कानपुर: सेना में भर्ती का झांसा देने वाला ‘फर्जी फौजी’ गिरफ्तार, AI की मदद से युवाओं को फंसाता था जाल में

Info Desk Kanpur
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कानपुर। चकेरी पुलिस ने सेना और खेल जगत के नाम पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले एक शातिर ठग को बेनकाब किया है। आरोपी खुद को मिलिट्री ऑफिसर बताकर और रेसलिंग के फर्जी सर्टिफिकेट बांटकर बेरोजगार युवाओं से वसूली कर रहा था। मिलिट्री इंटेलिजेंस के इनपुट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इस फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है।

वर्दी और एआई (AI) का घातक मेल

गिरफ्तार आरोपी की पहचान शिवम यादव के रूप में हुई है। जांच में जो बात सबसे चौंकाने वाली रही, वह था आरोपी का हाई-टेक तरीका। शिवम न केवल सेना की वर्दी पहनकर लोगों को भ्रमित करता था, बल्कि उसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके अपनी ऐसी तस्वीरें और वीडियो बनाए थे, जिससे वह पूरी तरह सेना का हिस्सा नजर आता था। सोशल मीडिया पर उसकी इसी ‘फर्जी प्रोफाइल’ को देखकर युवा उसके पास खिंचे चले आते थे।

स्पोर्ट्स कोटा के नाम पर ठगी का खेल

आरोपी खुद को एक पूर्व रेसलर बताता था, जिसके कारण उसे खेल प्रमाण पत्रों की बारीकियों की जानकारी थी। वह सेना में स्पोर्ट्स कोटा के जरिए सीधी भर्ती का लालच देकर युवाओं को 4 से 6 हजार रुपये में रेसलिंग के फर्जी सर्टिफिकेट बेचता था। पुलिस को आरोपी के पास से:

सैन्य वर्दी और फर्जी बैच।

नकली मिलिट्री आईडी और कैंटीन कार्ड।

चार व्यक्तियों के तैयार फर्जी स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट बरामद हुए हैं।

किराए के कमरे से चल रहा था ‘कॉरपोरेट’ फ्रॉड

एडीसीपी अंजली विश्वकर्मा ने बताया कि आरोपी ने इस पूरे नेटवर्क को चलाने के लिए एक बाकायदा ऑफिस बना रखा था। नवंबर-दिसंबर से सक्रिय इस गिरोह ने कई युवाओं को अपना शिकार बनाया है। फिलहाल पुलिस मोबाइल की फॉरेंसिक जांच और मनी ट्रेल (पैसों के लेन-देन) के जरिए यह पता लगा रही है कि इस सिंडिकेट में और कितने लोग शामिल हैं।

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