कानपुर चिरली गांव हिंसा: खेत के पानी ने सुलगाई नफरत की आग

कानपुर चिरली गांव हिंसा की यह खौफनाक वारदात शनिवार की सुबह उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में सामने आई है। साढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस गांव में मामूली बात पर शुरू हुआ विवाद इस कदर बढ़ गया कि गांव की गलियां खूनी संघर्ष का अखाड़ा बन गईं। कानपुर चिरली गांव हिंसा में दो गुटों ने एक-दूसरे पर कुल्हाड़ी, लाठियों और ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया, जिसमें महिलाओं और पुरुषों समेत कुल 24 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस हिंसक झड़प ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

खेत जल निकास विवाद: शुक्रवार की रंजिश ने लिया शनिवार को विकराल रूप

इस पूरी घटना की मुख्य जड़ खेत जल निकास विवाद है, जिसकी चिंगारी शुक्रवार को ही सुलग गई थी। दरअसल, एक किसान के खेत का पानी बहकर किसान इंद्रपाल के गेहूं के खेत में चला गया था, जिसके बाद दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई थी। शुक्रवार को इस खेत जल निकास विवाद को लेकर मामला साढ़ थाने तक भी पहुँचा था, जहाँ पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराकर मामला शांत करा दिया था। लेकिन यह समझौता महज एक अस्थायी राहत साबित हुआ और शनिवार की सुबह इसी पुराने विवाद ने फिर से तूल पकड़ लिया।

खूनी संघर्ष हमला: जयचंद्र और बदलू गुट ने बोला राहुल के घर धावा

शनिवार की सुबह यह विवाद एक खूनी संघर्ष हमला में तब्दील हो गया जब जयचंद्र और बदलू अपने साथियों के साथ राहुल के घर पहुँच गए। आरोपियों ने वहां पहुँचकर गाली-गलौज शुरू कर दी और जब राहुल ने इसका विरोध किया, तो हमलावरों ने धारदार हथियारों और लाठियों से खूनी संघर्ष हमला शुरू कर दिया। देखते ही देखते दोनों ओर से भारी संख्या में लोग जुट गए और गांव में जमकर मारपीट हुई। इस हमले में अरविंद, जयचंद्र, रामप्रसाद, निशा, शिवनाथ, राहुल और नितिन समेत दो दर्जन लोग बुरी तरह जख्मी हो गए हैं।

साढ़ थाना पुलिस कार्रवाई: आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी घेराबंदी शुरू 

घटना की जानकारी मिलते ही साढ़ थाना पुलिस कार्रवाई के लिए मौके पर भारी पुलिस बल के साथ पहुँची। पुलिस टीम ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए सभी घायलों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल रवाना किया। साढ़ थाना पुलिस कार्रवाई के तहत थाना प्रभारी अवनीश कुमार सिंह ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जैसे ही पीड़ित पक्ष की ओर से तहरीर प्राप्त होती है, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

 

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