PDA Press Conference: प्रधानमंत्री Narendra Modi के महिला आरक्षण बिल पर दिए गए संबोधन (speech) के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने बड़ा ऐलान (announcement) करते हुए PDA Press Conference बुलाने की बात कही है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया platform X पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी कि रविवार को PDA यानी पिछड़ा (Backward), दलित (Dalit) और अल्पसंख्यक (Minority) वर्ग की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित (organized) की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस conference में महिला आरक्षण बिल के पीछे छिपी “साजिश” (conspiracy) का खुलासा किया जाएगा।
PDA Press Conference: महिला आरक्षण बिल पर बढ़ा विवाद (controversy)
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में महिला आरक्षण बिल (Women Reservation Bill) को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला (attack) बोला और समर्थन न करने को “पाप” बताया। इसके जवाब में अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार इस बिल की आड़ में परिसीमन (delimitation) से जुड़ा एजेंडा आगे बढ़ाना चाहती है।
उन्होंने कहा कि यह बिल सिर्फ महिलाओं के हित (interest) के लिए नहीं बल्कि राजनीतिक रणनीति (political strategy) का हिस्सा है। उनका दावा है कि PDA Press Conference में इस पूरे मुद्दे पर विस्तार से जानकारी (detailed explanation) दी जाएगी।
PDA Press Conference: BJP पर समाज को बांटने का आरोप (allegation)
लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान अखिलेश यादव ने BJP पर समाज में विभाजन (division) पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी के कई फैसले (decisions) खास वर्ग को फायदा पहुंचाने या समाज में दरार डालने के उद्देश्य से लाए जाते हैं।
उनके मुताबिक, महिला आरक्षण बिल के जरिए महिलाओं की एकता (unity) को कमजोर करने की कोशिश की गई, लेकिन विपक्ष (opposition unity) की एकजुटता के कारण यह रणनीति सफल नहीं हो सकी।
Kharge का भी आया रिएक्शन (reaction)
प्रधानमंत्री के भाषण पर कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि PM ने अपने संबोधन में कांग्रेस का जिक्र कई बार किया, जबकि महिलाओं पर अपेक्षाकृत कम बात की।
खड़गे ने इसे सरकार की प्राथमिकताओं (priorities) पर सवाल बताते हुए कहा कि महिलाओं के मुद्दे पर गंभीरता की कमी साफ दिखाई देती है।
क्या होगा PDA Press Conference में?
अब सभी की नजरें (all eyes) रविवार को होने वाली PDA Press Conference पर टिकी हैं, जहां अखिलेश यादव और उनके सहयोगी (allies) महिला आरक्षण बिल, परिसीमन और केंद्र सरकार की नीतियों (policies) पर बड़ा खुलासा कर सकते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों (political analysts) का मानना है कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस आने वाले चुनाव (upcoming elections) से पहले एक अहम narrative सेट कर सकती है।
