ट्रेनिंग के दौरान मिली तकनीकी खामी का उठाया फायदा, पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
कानपुर में कानपुर सिटी मॉल साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है, जहां क्विक कॉमर्स कंपनी के डिजिटल वॉलेट सिस्टम में खामी का फायदा उठाकर करीब 2 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे खेल के पीछे कंपनी के ही कर्मचारी निकले।
🔵 क्या है पूरा मामला ?
शहर में संचालित क्विक कॉमर्स कंपनी सिटी मॉल के बिजनेस एप्लीकेशन में मौजूद एक तकनीकी खामी का फायदा उठाकर आरोपियों ने गुल्लक नाम के डिजिटल वॉलेट से करोड़ों रुपये निकाल लिए। यह रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी।
🟠 कर्मचारी ही बने आरोपी
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इस कानपुर सिटी मॉल साइबर ठगी के मास्टरमाइंड कंपनी के दो पूर्व डिलीवरी बॉय हैं। दोनों को प्रमोशन के बाद ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी मिली थी, जहां उन्होंने सिस्टम की कमजोरी को पहचान लिया और उसी का फायदा उठाया।
🟤 ट्रेनिंग के दौरान मिला ‘बग’
सॉफ्टवेयर एनालिसिस में सामने आया कि ट्रेनिंग के दौरान आरोपियों को एप में एक बग मिला। इसी खामी के जरिए उन्होंने सिस्टम में सेंध लगाई और लाखों-करोड़ों रुपये ट्रांसफर कर दिए।
🔴 ऐसे उड़ाए गए पैसे
आरोपियों ने अपने और रिश्तेदारों के यूपीआई आईडी का इस्तेमाल कर करीब 1.49 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इसके अलावा लगभग 50 लाख रुपये अन्य खातों के जरिए निकाले गए, जिनकी जांच अभी जारी है।
🟡 पैसे से खरीदी संपत्ति और चुकाया कर्ज
जांच में यह भी सामने आया कि चोरी की रकम से आरोपियों ने जमीन और गाड़ियां खरीदीं। साथ ही पुराने कर्ज चुकाए और घर की मरम्मत भी करवाई। कुछ पैसा ब्याज पर भी लगाया गया था।
🟢 50 लाख रुपये फ्रीज, टीम को इनाम
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 50 लाख रुपये की रकम फ्रीज कर दी है। मामले का खुलासा करने वाली टीम को 20 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है।
🔵 और भी लोग शक के घेरे में
पुलिस का मानना है कि इस कानपुर सिटी मॉल साइबर ठगी में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। बाकी रकम किन खातों में गई, इसकी जांच जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
🟣 पुलिस का बयान
डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, मामले की गहराई से जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
