Kanpur Fake Degree Racket: SIT जांच में बड़ा खुलासा, 3 विश्वविद्यालयों की 287 डिग्रियां निकलीं जाली

SIT की जांच में चौंकाने वाला आंकड़ा: एशियन यूनिवर्सिटी की 284 डिग्रियां फर्जी

​कानपुर में फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाने वाले शैल ग्रुप के खिलाफ चल रही SIT जांच में एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। जांच टीम ने पाया कि गिरोह द्वारा बांटी गई कुल 287 डिग्रियां और मार्कशीट पूरी तरह जाली हैं। इनमें सबसे बड़ी सेंधमारी मणिपुर की एशियन यूनिवर्सिटी के नाम पर की गई, जहां से संबंधित 284 दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं।

​यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन डिग्रियों का उनके आधिकारिक डेटाबेस या गजट में कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है।

​बिना परीक्षा के बांटी जा रही थीं प्रोफेशनल डिग्रियां

​जांच में सामने आया कि आरोपी शैलेंद्र कुमार ओझा और उसका गिरोह छात्रों को बिना परीक्षा दिए ही डिग्रियां उपलब्ध कराता था। गिरोह के निशाने पर मुख्य रूप से निम्नलिखित कोर्स थे:

इंजीनियरिंग: B.Tech और M.Tech

फार्मेसी: B.Pharma और D.Pharma

कानून: LLB और अन्य प्रोफेशनल कोर्स

​इसके लिए गिरोह छात्रों से मोटी रकम वसूलता था और उन्हें हुबहू असली दिखने वाली मार्कशीट थमा दी जाती थी।

सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश की यूनिवर्सिटीज के नाम भी शामिल

SIT की तफ्तीश में केवल मणिपुर ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों के विश्वविद्यालयों का भी फर्जीवाड़ा सामने आया है।

सिक्किम प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी: जांच के लिए भेजी गई 3 में से 2 डिग्रियां फर्जी निकलीं।

हिमालयन यूनिवर्सिटी ईटानगर: यहां की भी 1 डिग्री जांच में जाली पाई गई है।

​इन खुलासों के बाद SIT ने अब 371 अन्य संदिग्ध दस्तावेजों को सत्यापन (Verification) के लिए CSJMU (छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी, कानपुर) को सौंपा है।

शैलेंद्र ओझा: गणित का मास्टरमाइंड जो 2012 से चला रहा था ‘डिग्री फैक्ट्री’

​इस पूरे रैकेट का सरगना शैलेंद्र कुमार ओझा है, जो खुद गणित में पोस्ट ग्रेजुएट (M.Sc) है। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह 2012 से सक्रिय था। 18 फरवरी 2026 को किदवई नगर पुलिस द्वारा जूही स्थित ‘शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन’ पर की गई छापेमारी ने इस पूरे काले साम्राज्य का पर्दाफाश किया।

​गिरोह के बैंक खातों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन मिले हैं, जिससे यह साफ होता है कि यह नेटवर्क देश के कई राज्यों में फैला हुआ था।

CSJMU की रिपोर्ट का इंतजार, बढ़ सकता है फर्जीवाड़े का दायरा

​एडीसीपी साउथ योगेश कुमार के नेतृत्व में SIT की टीमें लगातार विभिन्न राज्यों के विश्वविद्यालयों का दौरा कर रही हैं। CSJMU प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि अगले 2 से 3 दिनों में शेष दस्तावेजों की जांच पूरी कर ली जाएगी। पुलिस को अंदेशा है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, जाली दस्तावेजों की संख्या हजारों में पहुंच सकती है।

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