कानपुर: शहर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मेरठ निवासी एक युवक ने खुद के साथ 38 लाख रुपये की लूट होने की झूठी कहानी बनाकर पुलिस को सूचना दे दी। लेकिन पुलिस की जांच में पूरा मामला फर्जी निकला। यह मामला अब कानपुर फर्जी लूट कांड के नाम से चर्चा में है।
रेलवे स्टेशन के पास लूट की दी थी सूचना
पुलिस के मुताबिक 20 मार्च 2026 की सुबह करीब 5 बजे युवक ने सूचना दी कि वह रेलवे स्टेशन से उतरकर टेंपो में बैठ रहा था, तभी कुछ अज्ञात लोगों ने उसके साथ मारपीट कर दी और उसके पास मौजूद करीब 30 लाख रुपये नकद और 8 लाख रुपये के जेवरात लूट लिए। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने घायल को अस्पताल भेजा और मामले की जांच शुरू की।
सर्विलांस और सीसीटीवी से खुला सच
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सर्विलांस, साइबर और स्वाट टीम के साथ जांच शुरू की। जांच के दौरान युवक द्वारा बताए गए स्थान और उसकी वास्तविक लोकेशन में अंतर पाया गया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी लोकेशन पनकी पड़ाव क्षेत्र में मिली, जिससे पुलिस को शक हुआ।
पूछताछ में कबूला झूठ
पुलिस की सख्त पूछताछ में युवक ने स्वीकार किया कि उसने कानपुर फर्जी लूट कांड की पूरी कहानी खुद गढ़ी थी। उसने बताया कि वह एक महिला को प्रभावित करने और उससे आर्थिक लाभ लेने के उद्देश्य से इस तरह का नाटक कर रहा था।
आरोपी की गिरफ्तारी और आपराधिक इतिहास
पुलिस ने आरोपी अंतिम सोनी को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया कि वह मेरठ में सुनार की दुकान चलाता है और पहले भी धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में उसका नाम सामने आ चुका है।
पुलिस का बयान
पुलिस उपायुक्त सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव के अनुसार जांच में पूरी घटना झूठी पाई गई है। आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है और उसके पुराने मामलों की भी जांच की जा रही है।
