कानपुर। आईपीएल मैचों के दौरान सक्रिय ऑनलाइन सट्टेबाजी के एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने भारी सफलता हासिल की है। फजलगंज थाना पुलिस और सर्विलांस व स्वाट सेंट्रल जोन की संयुक्त टीम ने बुधवार को शहर के दो अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर पांच सट्टेबाजों को गिरफ्तार किया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से साढ़े तीन करोड़ रुपये से भी अधिक की भारी-भरकम नगदी बरामद की है, जिसे कमिश्नरेट पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाहियों में से एक माना जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत मुखबिर से मिली एक सटीक सूचना के बाद हुई, जिसमें बताया गया था कि गोविंद नगर पुल के नीचे एक सफेद सोनेट कार में सवार कुछ युवक आईपीएल पर दांव लगवा रहे हैं। पुलिस ने बिना देरी किए मौके पर दबिश दी और कार में मौजूद कार्तिक लखवानी और राजकुमार को हिरासत में ले लिया। जब पुलिस ने इनसे सख्ती से पूछताछ की, तो उन्होंने किदवई नगर के एक किराए के मकान का पता बताया, जहाँ से इस अवैध कारोबार का मुख्य संचालन किया जा रहा था।
किदवई नगर वाले ठिकाने पर जब पुलिस टीम ने छापा मारा, तो वहां से तीन और सट्टेबाजों को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए इन आरोपियों की पहचान कल्पेश, रवि नाई और विष्णु के रूप में हुई है, जो मूल रूप से गुजरात के निवासी हैं। पुलिस ने मौके से कुल 3 करोड़ 91 लाख 50 हजार रुपये की नगदी के साथ-साथ छह मोबाइल फोन, दो नोट गिनने की मशीनें, एक सोनेट कार और सट्टेबाजी से जुड़े अन्य उपकरण भी जब्त किए हैं।
पकड़े गए अभियुक्तों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे एक विशेष मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए लोगों को सट्टे की आईडी उपलब्ध कराते थे और पूरे शहर से सट्टे का पैसा इकट्ठा करते थे। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे गिरोह का असली मास्टरमाइंड ‘मनीष उर्फ प्रोफेसर’ है। हालांकि वह अभी पुलिस की पहुंच से दूर है, लेकिन उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
पुलिस की इस शानदार उपलब्धि से खुश होकर पुलिस कमिश्नर ने पूरी टीम को प्रोत्साहित करने के लिए 50 हजार रुपये के नकद इनाम की घोषणा की है। फिलहाल फजलगंज थाने में सभी आरोपियों के खिलाफ सार्वजनिक जुआ अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। चूंकि बरामद की गई रकम बहुत बड़ी है, इसलिए पुलिस ने इस मामले की विस्तृत जानकारी आयकर विभाग को भी भेज दी है ताकि धन के स्रोत की जांच की जा सके।
पुलिस का बयान
पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के अनुसार यह एक संगठित और तकनीक आधारित सट्टा गिरोह था, जो लंबे समय से सक्रिय था। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है।
