कानपुर: ग्राम पंचायतों में भू-माफियाओं का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला थाना पनकी क्षेत्र के पनका बहादुर नगर का है, जहाँ पूर्व प्रधान और उसके साथियों ने न केवल एक ग्रामीण की निजी भूमि हड़प ली, बल्कि सरकारी भूमि पर कब्जा कर उसे लाखों में बेच डाला।
निजी जमीन के साथ सरकारी भूमि पर कब्जा: पूर्व प्रधान पर गंभीर आरोप
पनका बहादुर नगर निवासी राजेश कुमार तिवारी ने उप जिलाधिकारी (SDM) सदर से शिकायत की थी कि पूर्व प्रधान विनोद कुशवाहा, उसके भाई प्रमोद कुशवाहा और पार्टनर दिनेश कुशवाहा ने उनकी पांच बिस्वा जमीन फर्जी तरीके से बेच दी है। क्षेत्रीय लेखपाल प्रतीक कुमार द्वारा की गई जांच में न केवल राजेश की जमीन पर कब्जा पाया गया, बल्कि ग्राम पंचायत के खलिहान की सरकारी भूमि पर कब्जा भी प्रमाणित हुआ है।
खलिहान की 366 गज सरकारी भूमि पर कब्जा कर की गई प्लाटिंग
जांच के दौरान लेखपाल ने पाया कि आराजी संख्या 135 में दर्ज ग्राम पंचायत की खलिहान की भूमि को भी नहीं बख्शा गया। भू-माफियाओं ने इस सरकारी भूमि पर कब्जा कर वहां पक्के निर्माण करवा दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब, ऊसर और बंजर जैसी अन्य जमीनों पर भी इसी तरह प्लाटिंग का खेल कर करोड़ों की हेराफेरी की गई है।
राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से हुआ सरकारी भूमि पर कब्जा और निर्माण
ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि वर्षों से पनका बहादुर नगर में तैनात रहे राजस्व कर्मियों ने दबंग भू-माफियाओं को सरकारी भूमि पर कब्जा करने की खुली छूट दी। पूर्व प्रधान विनोद कुशवाहा और प्रमोद कुशवाहा ने इन जमीनों को भोले-भाले लोगों को बेचकर अपनी जेबें भरीं। अब लेखपाल की जांच में इन अवैध कब्जों की पोल खुलती नजर आ रही है।
लाखों रुपये देने के बाद भी सरकारी भूमि पर कब्जा निकला, खरीदार परेशान
इस धोखाधड़ी में फंसे कुसमा देवी, नम्रता देवी और गजेंद्र कुमार जैसे खरीदार अब दर-दर भटक रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने मेहनत की कमाई देकर जमीन खरीदी थी, लेकिन अब लेखपाल की जांच में वहां सरकारी भूमि पर कब्जा पाया गया है। इन पीड़ितों का कहना है कि वे अब जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाएंगे क्योंकि उनके पैसे डूबने की कगार पर हैं।
लेखपाल प्रतीक कुमार की रिपोर्ट: सरकारी भूमि पर कब्जा हटाने की तैयारी
क्षेत्रीय लेखपाल प्रतीक कुमार ने मौके का मुआयना करने के बाद पुष्टि की है कि राजेश तिवारी की निजी भूमि और खलिहान की सरकारी भूमि पर कब्जा पाया गया है। उन्होंने खरीदारों और निर्माणकर्ताओं के बयान दर्ज कर लिए हैं। लेखपाल द्वारा जल्द ही यह रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी, जिसके बाद अवैध निर्माणों को ढहाने और दोषियों पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होगी।
