कानपुर प्राणि उद्यान में पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय सफेद मादा वलाबी की बुधवार को मौत हो गई। करीब छह साल की इस दुर्लभ वन्यजीव की तबीयत पिछले दो महीनों से खराब थी, जिसके चलते उसका लगातार इलाज चल रहा था।
गंभीर बीमारी बनी मौत की वजह
जू प्रशासन के मुताबिक वलाबी मैक्रोपॉड प्रोग्रेसिव पीरियोडोंटल डिजीज नाम की गंभीर बीमारी से जूझ रही थी। इस बीमारी में जबड़े में संक्रमण फैलता है और धीरे-धीरे यह जानलेवा हो जाता है। डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही थी, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ।
वनतारा से लाई गई थी खास प्रजाति
यह सफेद वलाबी जनवरी 2025 में गुजरात के वनतारा केंद्र जामनगर से कानपुर लाई गई थी। कम समय में ही यह अपनी अनोखी सुंदरता और चंचल स्वभाव के कारण जू का मुख्य आकर्षण बन गई थी।
दुर्लभता ने बनाया खास
वलाबी मूल रूप से ऑस्ट्रेलिया का जीव है, जो कंगारू परिवार से जुड़ा होता है। सफेद रंग की वलाबी बेहद दुर्लभ मानी जाती है, इसी वजह से यह जू की पहचान बन चुकी थी।
इलाज के बाद भी नहीं बच सकी जान
करीब दो महीने तक चले इलाज और देखभाल के बावजूद वलाबी की हालत में सुधार नहीं हो सका। अंततः उसने दम तोड़ दिया, जिससे जू प्रशासन को बड़ा नुकसान हुआ है।
जू परिसर में किया गया अंतिम संस्कार
मृत्यु के बाद सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर वलाबी के शव को जू परिसर में ही दफना दिया गया। इस घटना से वन्यजीव प्रेमियों और नियमित आने वाले दर्शकों में मायूसी देखी जा रही है।
पर्यटकों की पसंद थी सफेद वलाबी
अपनी उछल-कूद और सफेद रंग की वजह से यह वलाबी बच्चों और परिवारों के बीच खास पसंद बन गई थी। उसके जाने से जू की रौनक में कमी महसूस की जा रही है।
