बिकरू कांड की आरोपी खुशी दुबे ने इंटर में हासिल की प्रथम श्रेणी, अब वकालत की राह पर नजर

मुश्किलों से लड़कर हासिल की कामयाबी, अब कानून के क्षेत्र में बनाएंगी पहचान

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जेल से बाहर आने के बाद दोबारा शुरू की पढ़ाई, 60% से अधिक अंक लाकर पेश की मिसाल

कानपुर से एक चर्चित नाम एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह सकारात्मक है। बिकरू कांड में आरोपी रही खुशी दुबे ने उत्तर प्रदेश बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में प्रथम श्रेणी के साथ सफलता हासिल की है। उन्होंने करीब 60.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर यह साबित किया कि कठिन हालात भी उनके हौसले को कमजोर नहीं कर सके।

जेल से बाहर आने के बाद खुशी ने अपनी पढ़ाई को दोबारा शुरू किया। इस दौरान उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अदालतों के चक्कर, पुलिस प्रक्रियाएं और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच पढ़ाई जारी रखना आसान नहीं था। खासकर मां की तबीयत खराब रहने से उनकी तैयारी पर असर पड़ा, लेकिन उन्होंने लगातार मेहनत जारी रखी।

खुशी दुबे ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने संघर्ष और लक्ष्य के प्रति समर्पण को दिया। उनका कहना है कि कठिन परिस्थितियों ने उन्हें और मजबूत बनाया है।

भविष्य को लेकर खुशी का लक्ष्य साफ है। वह अब कानून की पढ़ाई कर वकील बनना चाहती हैं। उनका कहना है कि कोर्ट-कचहरी के अनुभव और कानूनी प्रक्रिया को करीब से देखने के बाद उनमें इस क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह उनके वकील ने उनका साथ दिया, वैसे ही वह भी आगे चलकर लोगों की मदद करना चाहती हैं।

 

खुशी ने यह भी स्वीकार किया कि अतीत की घटनाएं उनके जीवन का हिस्सा हैं, जिन्हें भूलना आसान नहीं है। लेकिन उनका मानना है कि शिक्षा ही वह रास्ता है, जो उन्हें एक नई दिशा दे सकता है।
गौरतलब है कि पनकी निवासी खुशी दुबे की शादी साल 2020 में विकास दुबे के भतीजे अमर दुबे से हुई थी। शादी के कुछ ही दिनों बाद हुए बिकरू कांड में उन्हें भी आरोपी बनाया गया था। करीब ढाई साल जेल में रहने के बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली। इसके बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई को फिर से शुरू किया।

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