कानपुर में तंबाकू कारोबार पर सख्त संदेश
Ram Nath Kovind ने कानपुर में आयोजित एक स्वास्थ्य शिविर के दौरान तंबाकू और गुटखा के कारोबार को लेकर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मुनाफे के लिए समाज में जहर बेचने वाले लोगों को यह नहीं भूलना चाहिए कि प्रकृति का न्याय बहुत सटीक होता है।
उन्होंने कहा कि जिस शहर में तंबाकू और पान-मसाले का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, वहां कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी उतनी ही तेजी से फैल रहा है।
समाज को जो दोगे, वही लौटकर आएगा
पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि प्रकृति का नियम बहुत साफ है—समाज को जो दिया जाता है, वही कई गुना होकर वापस मिलता है। अगर कोई व्यक्ति समाज को नुकसान पहुंचाने वाला व्यापार करता है, तो उसका असर आने वाली पीढ़ियों तक दिखाई देता है।
उन्होंने कारोबारियों को चेताते हुए कहा कि सिर्फ खुद गुटखा न खाने से कोई सुरक्षित नहीं हो जाता।
गुटखा बनाने वाले भी जानते हैं सच्चाई
अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि गुटखा बनाने और बेचने वाले लोग खुद जानते हैं कि यह स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक है। यही वजह है कि उनमें से कई लोग खुद इसका सेवन नहीं करते।
लेकिन उन्होंने आगाह किया कि समाज को बीमार करके कमाया गया पैसा अंततः परिवारों में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
मिलावट और तंबाकू पर चिंता
Ram Nath Kovind ने देश में बढ़ती मिलावटखोरी पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि आज खाने-पीने की कई चीजों में मिलावट का खतरा है, लेकिन तंबाकू और गुटखा का असर सीधे स्वास्थ्य पर पड़ता है और यह कई जानलेवा बीमारियों की वजह बनता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि इस संदेश को उन लोगों तक जरूर पहुंचाया जाए जो इस कारोबार से जुड़े हैं।
प्रकृति के साथ संतुलन जरूरी
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने स्वस्थ जीवन के लिए अनुशासन और प्रकृति के साथ तालमेल की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रकृति हमें संतुलन और नियमों का पालन करना सिखाती है।
अगर समाज के हितों को नजरअंदाज कर गलत रास्ता चुना जाता है, तो उसका असर केवल व्यक्ति पर नहीं बल्कि पूरे समाज और देश की सेहत पर पड़ता है।





