कानपुर के बिधनू थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म और उसकी नृशंस हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने घटना में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के दौरान मुख्य आरोपी सनी और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी है।
क्या है पूरा मामला ?
बीते दिनों बिधनू थाना क्षेत्र में एक नाबालिग के साथ दरिंदगी के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मु0अ0सं0 73/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
बुधवार, 18 मार्च को पुलिस ने सबसे पहले दो अभियुक्तों, कमल (22 वर्ष) और आशीष (32 वर्ष) को माधौपुर मोड़ के पास से दबोचा। पूछताछ के दौरान तीसरे और मुख्य आरोपी सनी के बारे में जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश में सघन घेराबंदी शुरू की।
नहर पुल के पास हुई मुठभेड़
रात करीब 11:20 बजे बिधनू क्षेत्र के नहर पुल के पास संदिग्ध हालत में सनी को देखा गया। पुलिस टीम ने जब उसे घेरने की कोशिश की, तो आरोपी ने खुद को बचाने के लिए पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की ओर से आत्मरक्षार्थ चलाई गई गोली सनी के पैर में लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा।
बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
घायल आरोपी सनी को तत्काल उपचार के लिए सीएचसी बिधनू भेजा गया है। पुलिस ने आरोपी के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
एक .315 बोर का देशी तमंचा
02 जिंदा कारतूस
02 खोखा कारतूस
01 मिस कारतूस
अपराधिक इतिहास
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी (सनी, कमल और आशीष) सगे भाई हैं और गणेश शंकर के पुत्र हैं। मुख्य आरोपी सनी का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है। पुलिस ने अब इन पर शस्त्र अधिनियम (आर्म्स एक्ट) के तहत एक और नया मुकदमा दर्ज किया है।
प्रभारी निरीक्षक तेज बहादुर सिंह के नेतृत्व वाली पुलिस टीम की इस तत्परता की सराहना की जा रही है। वर्तमान में क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम है और आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
