कानपुर: सेवानिवृत्त शिक्षिका से डिजिटल ठगी हाई-प्रोफाइल हस्तियों के नाम पर रिटायर्ड शिक्षिका से ₹1.57 करोड़ की डिजिटल लूट

कानपुर के चकेरी इलाके में साइबर ठगों ने धोखाधड़ी की सारी हदें पार कर दीं। मेथाडिस्ट हाईस्कूल से सेवानिवृत्त हुईं शिक्षिका एलिसन वीम्स एक सोची-समझी साजिश का शिकार बन गईं, जिसमें ठगों ने फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग और टेस्ला के सीईओ एलन मस्क जैसी वैश्विक हस्तियों के नाम का सहारा लिया।

साजिश का जाल: दोस्ती से निवेश तक

​इस ठगी की पटकथा फेसबुक पर शुरू हुई। एक जालसाज ने खुद को मार्क जुकरबर्ग बताकर शिक्षिका से संपर्क साधा और उनका भरोसा जीता। विश्वास बहाली के बाद, उन्हें कानपुर में एक बड़े शैक्षणिक प्रोजेक्ट में निवेश करने और उसमें महत्वपूर्ण पद देने का लालच दिया गया। इस साजिश को और अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए ठगों ने मशहूर अमेरिकी गायक जॉश टर्नर और एलन मस्क के सहयोगियों के नाम का भी दुरुपयोग किया।

वसूली का तरीका: कई चरणों में हुई ठगी

​जनवरी 2025 से फरवरी 2026 के बीच, अपराधियों ने विभिन्न बहानों से शिक्षिका से करोड़ों रुपये वसूले। ठगी की प्रक्रिया कुछ इस प्रकार रही:

​नकली ट्रेडिंग पोर्टल: शिक्षिका को ‘विजडम कैपिटल’ नामक एक फर्जी पोर्टल पर ₹2.23 करोड़ का बैलेंस दिखाया गया।

फर्जी फीस: इस रकम को निकालने के नाम पर ‘रीबैलेंसिंग फीस’ और ‘स्टांप ड्यूटी’ जैसे तकनीकी शब्दों का इस्तेमाल कर पैसे ऐंठे गए।

पार्सल का झांसा: जब शिक्षिका को शक हुआ, तो ठगों ने मिरेकल गिवर्स बनकर मदद का नाटक किया और कहा कि उनकी रकम एक फेडेक्स पार्सल में फंसी है, जिसे छुड़ाने के लिए भारी टैक्स देना होगा।

​नुकसान का विवरण: शिक्षिका ने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी और सेवानिवृत्ति निधि से कुल ₹1.57 करोड़ ठगों के खातों में ट्रांसफर कर दिए।

पुलिसिया कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

​धोखाधड़ी का एहसास होने पर पीड़िता ने 27 फरवरी 2026 को साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। डीसीपी क्राइम, श्रवण कुमार सिंह के अनुसार:

मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

​त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक ₹30.42 लाख की राशि को बैंक खातों में होल्ड (फ्रीज) करवा दिया गया है।

​पुलिस इस संगठित गिरोह की तलाश में तकनीकी जांच कर रही है।

एक मित्र के नाते सलाह: डिजिटल युग में कोई भी बड़ी हस्ती सोशल मीडिया पर सीधे निवेश की सलाह नहीं देती। यदि आपके साथ या किसी परिचित के साथ ऐसी संदिग्ध गतिविधि हो, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें।

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